• Oct 10, 2017  |  [ View 316 ]  | 

    जइसन बीतल वइसन भोगनी. अब आगा से निमन बीतो. जवन बीत गइल तवन बात गइल. चलऽ फेर से नया शुरुआति कइल जाव !





  • Shayari Category 706



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