• Oct 13, 2017  |  [ View 458 ]  | 

    कहाँ किसी के लिए है मुमकिन, सब के लिए एक सा होना। थोड़ा सा दिल मेरा बुरा है, थोड़ा भला है सीने में।





  • Shayari Category 706



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